मीठी मीठी बातों से ही दिल बहलाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
जबसे तुमको देखा मन में घुस आया एक चोर
डर लगता है कैसे कह दूं , तुमको मैं चितचोर
मेरी गुत्थी मेरी उलझन क्या सुल्झाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
खोल के रख दूं ह्रदय अगर तो दोष नहीं देना
मन को अधरों तक आने से रोक नहीं देना
मेरा मौन समर्पण कैसे तुम झुठलाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
मंत्रविद्ध हूँ इसीलिए मैं खिंचा चला आया
वचनवद्ध हूँ इसीलिए सच छूपा नहीं पाया
मेरे जितना साहस क्या तुम भी दिखलाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
सहज समर्पण कभी कहीं ब्यभिचार नहीं होता
दो दिल मिल जाने पर ही निर्माण नया होता
मेरे शोणित की ऊष्मा से खिल खिल जाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
जबसे तुमको देखा मन में घुस आया एक चोर
डर लगता है कैसे कह दूं , तुमको मैं चितचोर
मेरी गुत्थी मेरी उलझन क्या सुल्झाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
खोल के रख दूं ह्रदय अगर तो दोष नहीं देना
मन को अधरों तक आने से रोक नहीं देना
मेरा मौन समर्पण कैसे तुम झुठलाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
मंत्रविद्ध हूँ इसीलिए मैं खिंचा चला आया
वचनवद्ध हूँ इसीलिए सच छूपा नहीं पाया
मेरे जितना साहस क्या तुम भी दिखलाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
सहज समर्पण कभी कहीं ब्यभिचार नहीं होता
दो दिल मिल जाने पर ही निर्माण नया होता
मेरे शोणित की ऊष्मा से खिल खिल जाओगे
पास न आओगे क्या बोलो पास न आओगे
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