कभी तो खुशियाँ लुटा के देखो
गले किसी को लगा के देखो
मैं दर्दे दिल की दवा रहा हूँ
कभी तो मुझको बुला के देखो
चमक पे कंचन के तुम ना जाओ
खरा है कुन्दन तपा के देखो
वगैर खता के क्यों रूठे हो तुम
क्या चाहिए वो बता के देखो
तुम्हारे रंग में मैं रंग गया हूँ
ना और मुझको सता के देखो
गले किसी को लगा के देखो
मैं दर्दे दिल की दवा रहा हूँ
कभी तो मुझको बुला के देखो
चमक पे कंचन के तुम ना जाओ
खरा है कुन्दन तपा के देखो
वगैर खता के क्यों रूठे हो तुम
क्या चाहिए वो बता के देखो
तुम्हारे रंग में मैं रंग गया हूँ
ना और मुझको सता के देखो
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