सादगी उसकी निराली देखी
मद भरे नयनों की प्याली देखी
वैसे उगते हुए सूरज में भी न पाया रंग
लाली जो देखी वो बस उसके ही गालों पे देखी
मद भरे नयनों की प्याली देखी
वैसे उगते हुए सूरज में भी न पाया रंग
लाली जो देखी वो बस उसके ही गालों पे देखी
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