कविता मेरी ज़िन्दगी है
शुक्रवार, दिसंबर 30, 2011
रुबाई - 11
प्यार किताब नहीं है जिसको
पढ़कर अनुभव करोगे जानोगे
रखकर देखो किसीका दिल तभी
प्यार क्या होता है यह जानोगे
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