गुरुवार, दिसंबर 29, 2011

रुबाई - 4

खोया खोया सा देखता हूँ मैं
हरसू तुझको ही देखता हूँ मैं
नीम पागल कहो या आवारा
ख्वाब  तेरा  ही  देखता हूँ मैं

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