गुरुवार, दिसंबर 29, 2011

रुबाई - 5

तुम  मेरे  धर्म  हो  ईमान  हो
शायरी  की  मेरी तुम जान हो
धड़कने सुन लो मेरे दिल की भी
हाँ हाँ  तुम ही मेरे भगवान हो


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