भूल गए हम
जबसे तुमको देखा
खुदको भूल गए हम
सचमुच भूल गए हम
अल्हादित हो झूम उठा मन
मह मह महका जीवन उपवन
ठौर मिल गया इस जीवन को
अब ना बनेंगे सन्यासी हम
भूल गए हम
खुले द्वार सब बंद अमिय के
पाने को मकरंद कलि के
रस प्लावित आओ अब हो ले
तोड़ लाज के बंधन सब हम
भूल गए हम
जबसे तुमको देखा
खुदको भूल गए हम
सचमुच भूल गए हम
जबसे तुमको देखा
खुदको भूल गए हम
सचमुच भूल गए हम
अल्हादित हो झूम उठा मन
मह मह महका जीवन उपवन
ठौर मिल गया इस जीवन को
अब ना बनेंगे सन्यासी हम
भूल गए हम
खुले द्वार सब बंद अमिय के
पाने को मकरंद कलि के
रस प्लावित आओ अब हो ले
तोड़ लाज के बंधन सब हम
भूल गए हम
जबसे तुमको देखा
खुदको भूल गए हम
सचमुच भूल गए हम
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