कविता मेरी ज़िन्दगी है
गुरुवार, दिसंबर 29, 2011
रुबाई - 6
आज की रात क्या करे कोई
तारों से बात क्या करे कोई
आप तो रूठ कर यूँ बैठे हैं
आप से बात क्या करे कोई
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