वह जो नंगे
बिस्तर पर सो रहा है
कौन है ?
कि जिसके हाथों में हैं
पयस भरा स्तन
कौन है ?
सिलवटे उभरी हुई हैं
बिस्तर पर
लगती हैं चादर
गीली - गीली सी
क्यों नहीं मन
अपराध की भावना से
ग्रस्त हों जाता
क्यों नहीं कुछ
गलत सोचता है मन
याद आया
सोया था मैं भी कभी
किसी औरत के साथ
ठीक ऐसी ही
बहुत दिन पहले
कौन थी वह औरत ?
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें