स्वपन देख रहा हूँ मैं
सोई हुई औरत का
स्वपन देख रहा हूँ मैं
अपनी पत्नी को स्वपन में देख रहा हूँ मैं
चाहता हूँ मैं
पत्नी को आलिंगन में लेना
पर ऐसा नहीं कर पा रहा हूँ मैं
असक्त हूँ मैं
नहीं विवश हूँ मैं
सोचता हूँ
कौन छिड़कियाँ खायें
बुढ़ा चैन से सोने भी नहीं देता
सोई हुई औरत का
स्वपन देख रहा हूँ मैं
अपनी पत्नी को स्वपन में देख रहा हूँ मैं
चाहता हूँ मैं
पत्नी को आलिंगन में लेना
पर ऐसा नहीं कर पा रहा हूँ मैं
असक्त हूँ मैं
नहीं विवश हूँ मैं
सोचता हूँ
कौन छिड़कियाँ खायें
बुढ़ा चैन से सोने भी नहीं देता
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें