तप रहा था मैं
अंक में भर कर तुम्हें मैं
शीतल हुआ
जानता हूँ मैं
तुम सिर्फ मेरी नही हो
बल्कि सारे जहान की हो
फिर भी नही हो तुम कुलटा
तुम हो धरती का श्रृंगार
और बहुत प्यारा सा है तुम्हारा नाम
सरिता
अंक में भर कर तुम्हें मैं
शीतल हुआ
जानता हूँ मैं
तुम सिर्फ मेरी नही हो
बल्कि सारे जहान की हो
फिर भी नही हो तुम कुलटा
तुम हो धरती का श्रृंगार
और बहुत प्यारा सा है तुम्हारा नाम
सरिता
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