और वहाँ
जहाँ हमारी प्राचीन सभ्यता का अन्त हो रहा हैं
जहाँ हम भागते हैं
समय के पीछे
तजकर मनुष्यता
एक ही मकान में रहते हुए भी
जहाँ
हम मरे हुए व्यक्ति के कमरे के उपर बैठकर
मनाते हैं खुशियाँ
शहर
ना जाने क्यों
तुम्हारे यहाँ के लोग
इतने निर्मम होते हैं ।
जहाँ हमारी प्राचीन सभ्यता का अन्त हो रहा हैं
जहाँ हम भागते हैं
समय के पीछे
तजकर मनुष्यता
एक ही मकान में रहते हुए भी
जहाँ
हम मरे हुए व्यक्ति के कमरे के उपर बैठकर
मनाते हैं खुशियाँ
शहर
ना जाने क्यों
तुम्हारे यहाँ के लोग
इतने निर्मम होते हैं ।
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