(तिरसातवे वर्षगांठ पर )
यार दोस्तों के कहने पर भी
नौटंकी देखने नहीं जाता मैं
नौटंकी रोज -रोज मेरे घर में ही होती है
कैसे बतलाऊँ मैं अपने मित्रों को
मुझे पता है
मेरे बच्चो का बचपन
कितनी त्रासदी में गुजरा है
सुनता रहा हूँ मैं
गम गलत कर देती है शराब
लेकिन अफसोस मैं शराबी नहीं बन पाया
इन्द्रिय लोलुपता का खिताब
मेरी पत्नी से अनायास ही मुझे मिल गया है
जिसे मैंने चुपचाप शिरोधार्य कर लिया है
इधर छन -छन कर आ रही है आवाज मेरे कानों में
कि मैंने रखैल रख छोड़े हैं
टूटती सांसों की बेला में
मैं एक अदद रखैल खोज रहा हूँ
यार दोस्तों के कहने पर भी
नौटंकी देखने नहीं जाता मैं
नौटंकी रोज -रोज मेरे घर में ही होती है
कैसे बतलाऊँ मैं अपने मित्रों को
मुझे पता है
मेरे बच्चो का बचपन
कितनी त्रासदी में गुजरा है
सुनता रहा हूँ मैं
गम गलत कर देती है शराब
लेकिन अफसोस मैं शराबी नहीं बन पाया
इन्द्रिय लोलुपता का खिताब
मेरी पत्नी से अनायास ही मुझे मिल गया है
जिसे मैंने चुपचाप शिरोधार्य कर लिया है
इधर छन -छन कर आ रही है आवाज मेरे कानों में
कि मैंने रखैल रख छोड़े हैं
टूटती सांसों की बेला में
मैं एक अदद रखैल खोज रहा हूँ
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