चाहे पूरब हो या पश्चिम
चाहे उत्तर हो या दक्खिन
देह का जादू
सबके सर पर चढ़कर बोल रहा है
चाहे किशोर हो या जवान
चाहे अधेड़ हो या वृद्ध
देह के जादू से सभी चमत्कत हैं
खण्ड़र में तब्दल होती औरतें
बुढ़ी नानी -दादी और मायें
देह के जादू को देख
नाक भौंहे सिकोड रहीं हैं ।
चाहे उत्तर हो या दक्खिन
देह का जादू
सबके सर पर चढ़कर बोल रहा है
चाहे किशोर हो या जवान
चाहे अधेड़ हो या वृद्ध
देह के जादू से सभी चमत्कत हैं
खण्ड़र में तब्दल होती औरतें
बुढ़ी नानी -दादी और मायें
देह के जादू को देख
नाक भौंहे सिकोड रहीं हैं ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें